देहरादून। बुधवार से चारधाम यात्रा को इजाजत दे दी गई है। लेकिन इस यात्रा में अभी उत्तराखंड के लोग ही शामिल हो सकेंगे। देवस्थानम मैनेजमेंट बोर्ड ने 1 जुलाई से ही 'चारधाम यात्रा' शुरू करने का फैसला लिया। सोमवार को बैठक में तय किया गया कि कोरोना महामारी को देखते हुए दूसरे राज्यों केश्रद्धालुओं को अनुमति नहीं देनी चाहिए। यहां यह समझना जरूरी है कि चार धामों बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा 'चारधाम' यात्रा के नाम से जाना जाता है। ।
सोमवार को जारी हुआ था आदेश
सीईओ रविनाथ रमण ने चारधाम यात्रा के संदर्भ में सोमवार को एक आदेश जारी किया था। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उत्तराखंड के लोग ही यात्रा का हिस्सा बनेंगे और उन्हें भी तमाम तरह के ऐहतियात बरतने होंगे। जो लोग यात्रा पर जाने के इच्छुक हैं उन्हें कुछ सावधानियों के साथ साथ पाबंदियों का भी पालन करना होगा। मंदिरों में सीमित संख्या में ही लोग दर्शन कर सकेंगे।
तीर्थ पुरोहित कर रहे हैं विरोध
तीर्थ पुरोहित 1 जुलाई से यात्रा शुरू किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि चारों धामों में श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बोर्ड को इजाजत नहीं देनी चाहिए थी। बोर्ड को व्यवहारिक परेशानियों पर ध्यान देना चाहिये। सिर्फ वाहवाही बटोरने के लिए इस तरह के कदम नहीं उठाना चाहिए था।
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