जो खाना हम खाते हैं, जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जो पानी हम पीते हैं और ये जो वातावरण है जो हमारी धरती को जीने के अनुकूल बनाती है वह सब हमें प्रकृति से प्राप्त होता है। इसका साफ मतलब ये है कि इस ब्रह्मांड को चलाने में पर्यावरण का खास महत्व होता है। जब पर्यावरण ने हमें इतना कुछ दिया है तो हमें भी इसे रिटर्न में इसकी सुरक्षा को सुनिश्चित करनी चाहिए। कोविड-19 महामारी के इस दौर में जहां इंसान आज अपनी जान की रक्षा के लिए चिंतित है वहीं जाने अनजाने में ये महामारी हमें ये भी सीख दे गई है कि हमें अपने पर्यावरण को किस तरह से सुरक्षित रखना चाहिए। अपनी सुख सुविधाओं और विकास की आड़ में अगर हम पर्यावरण को संतुलित बना कर नहीं रखते हैं तो हमें ऐसी ही महामारी, प्रलय, भूकंप, बाढ़, चक्रवात जैसी आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।
यह समय है उठने का जागने का, अपनी आवाज उठाने का, यह टाइम है अपनी धरती को फिर से स्वर्ग बनाने का। किस तरह प्रकृति आपके लिए फायदेमंद है आप इसे इस तरह समझ सकते हैं। हर साल समुद्री पेड़ पौधे हमारे पर्यावरण का आधा ऑक्सीजन उत्सर्जित करती है। वहीं एक सामान्य पेड़ 22 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड को एब्जॉर्ब कर हमारे आस-पास की हवा को स्वच्छ करता है और बदले में हमें ऑक्सीजन देता है। इतना सब के बावजूद हम प्रकृति के साथ सौतेला व्यवहार करते हैं। यही कारण है कि हमें फिर से सोचने की जरूरत है फिर से मंथन करने की जरूरत है और इस तरफ गंभीर रुप से काम करने की जरूरत है।
विश्व पर्यावरण दिवस इस साल कोलंबिया के द्वारा होस्ट किया जा रहा है। 1974 से लेकर अब तक हर साल 5 जून को ये दिवस मनाया जा रहा है जिसमें सरकारें, व्यापारी समूह, सेलेब्रिटीज, आम नागरिक सभी प्रकृति की तरफ अपना योगदान देने के लिए संकल्प लेते है। इस साल पर्यावरण दिवस की थीम है बायोडायवर्सिटी जिसका अर्थ होता है जैव विविधता। हाल ही में ब्राजील के जंगलों में लगी आग, एशिया के कई देशों में मंडरा रहा टिड्डियों का खतरा, पूरी दुनिया में छाई हुई महामारी कोरोना वायरस प्रकृति के साथ हमारी क्रूरता का ही परिणाम है। इन आपदाओं से ना सिर्फ मनुष्य को खतरा है बल्कि जीव जंतु पेड़ पौधों के ऊपर भी खतरा मंडरा रहा है।
बढ़ती जनसंख्या, मरीन पॉल्यूशन, ग्लोबल वॉर्मिंग के बढ़ते खतरे को देखते हुए ही संयुक्त राष्ट्र इसकी जरूरत का एहसास हुआ। इस बात की जरूरत महसूस की गई कि लोगों को पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों को याद दिलाने की जरूरत है। इसलिए इस दिन की शुरुआत की गई इसमें दुनियाभर के 143 देशों ने अपनी भागीदारी निभाई है।
Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।