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Soft Signal: आखिर क्या है ये 'सॉफ्ट सिगनल', जिसको लेकर क्रिकेट जगत में खड़ा हो गया है नया विवाद

what is Soft Signal
Updated Mar 19, 2021 | 07:40 IST

What is Soft Signal: टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 8 रन से हराकर चौथा टी20 मैच जीता और सीरीज बराबर कर ली। लेकिन मैच खत्म होने के साथ ही एक विवाद और कुछ सवाल भी पीछे छूट गए हैं। आखिर क्या है सॉफ्ट सिगनल।

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तस्वीर साभार:&nbspAP
आखिर क्या है सॉफ्ट सिगनल जिससे अंपायर सवालों में घिरे (File)
मुख्य बातें
  • क्रिकेट जगत में नियमों को लेकर नया बवाल
  • आखिर क्या है सॉफ्ट सिगनल नियम जिसको लेकर मचा है हंगामा
  • सूर्यकुमार यादव और वॉशिंगटन सुंदर के विकेट को लेकर थर्ड अंपायर वीरेंद्र शर्मा भी आए सवालों के घेरे में

नई दिल्लीः भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया ने 8 रन से जीत दर्ज करते हुए पांच मैचों की इस सीरीज में 2-2 से बराबरी कर ली। चौथा टी20 तो भारत के पक्ष में खत्म हो गया लेकिन ये मैच अपने पीछे एक बड़ा विवाद और कई सवाल छोड़कर चला गया। विवाद 'थर्ड अंपायर' (Third Umpire) के फैसलों और सॉफ्ट सिगनल (Soft Signal) से जुड़ा। आइए जानते हैं कि आखिर ये सॉफ्ट सिगनल है क्या और मैच में ऐसा क्या कुछ हुआ कि मैदान पर कप्तान विराट कोहली भी भड़क उठे और मैच के बाद बयान देकर विरोध भी दर्ज कराया।

मामला सूर्यकुमार यादव के विकेट से शुरू हुआ था। सूर्यकुमार यादव का सैम करेन पर फाइन लेग पर लगाया गया छक्का उनके आत्मविश्वास का प्रतीक था लेकिन उन्हें अगली गेंद पर विवादास्पद तरीके से आउट दिया गया। डेविड मलान ने बाउंड्री पर उनका कैच लिया जिसमें रीप्ले से साफ लग रहा था कि गेंद ने जमीन को छुआ है लेकिन कई एंगल से टीवी रीप्ले देखने के बाद भी तीसरे अंपायर ने मैदानी अंपायर का 'सॉफ्ट सिगनल' आउट का फैसला बने रहने दिया। इसके बाद इसी तरह से अंतिम ओवर में बाउंड्री के करीब आदिल राशिद द्वारा वॉशिंगटन सुंदर का कैच लिया गया जबकि उनका पैर बाउंड्री से छू गया था। यहां भी ऐसे ही थर्ड अंपायर ने आउट का फैसला बरकरार रखा।

क्या होता है 'सॉफ्ट सिग्नल'?

दरअसल, जब किसी कैच या किसी भी तरह के विकेट को लेकर पेचीदा व असमंजस की स्थिति बनती है, तब मैदानी अंपायर को अपना एक फैसला लेना होता है, उसके बाद ही वो थर्ड अंपायर से इसको दोबारा चेक करने की मांग करता है। थर्ड अंपायर तमाम एंगल से टीवी रीप्ले देखता है और उसे लगता है कि ये आउट नहीं है तो वो मैदानी अंपायर का फैसला पलटते हुए इसे नॉटआउट करार दे सकता है। जबकि सॉफ्ट सिगनल नियम ये कहता है कि अगर तमाम कोशिशों के बावजूद थर्ड अंपायर को कोई ठोस सबूत नहीं मिलता तो वो अंपायर को उसके सॉफ्ट सिग्नल यानी पुराने फैसले को बरकरार रखने को कह देता है। 

सूर्यकुमार यादव के मामले में यही हुआ। मैदानी अंपायर ने सूर्यकुमार को कैच आउट करार दे दिया था लेकिन कैच को लेकर असमंजस की स्थिति बनी। थर्ड अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने कई बार इस कैच को रीप्ले में देखा और अंत में जब उनके मुताबिक कोई ठोस सबूत नहीं दिखा तो उन्होंने सॉफ्ट सिग्नल के साथ जाने का आदेश दे दिया। यानी सूर्यकुमार आउट करार दिए गए।

आईसीसी से की गई मांग

मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे तमाम पूर्व दिग्गजों ने भी थर्ड अंपायर वीरेंद्र शर्मा के इस फैसले को अजीब करार दिया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को इस फैसले में बदलाव करना चाहिए। कप्तान कोहली ने भी मैच के बाद यही कहा कि इसमें बदलाव जरूरी है क्योंकि एक फैसला मैच पलट सकता है। सोशल मीडिया पर भी वीरेद्र सहवाग से लेकर वसीम जाफर तक, कई दिग्गजों ने इस सॉफ्ट सिग्नल नियम पर सवाल खड़े किए।

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