नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व हरफनमौला शाहिद अफरीदी के भारत विरोधी बयान को भारतीय हॉकी के दिग्गजों धनराज पिल्लै और दिलीप टिर्की ने खेलभावना के विपरीत आचरण बताते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है, इस तरह की ‘अनर्गल’ बयानबाजी का औचित्य समझ से परे है। अफरीदी ने एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर धार्मिक भेदभाव करने के आरोप लगाये थे। यह वीडियो कल सोशल मीडिया पर चलन में आ गया था।
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और चार ओलंपिक, चार विश्व कप, चार एशियाई खेलों में भाग ले चुके महान फारवर्ड धनराज ने भाषा से कहा ,‘‘ हमारे प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की अपमानजनक बातें बर्दाश्त के काबिल नहीं है । लगता है कि सरहद पार से आतंकवाद को बढावा देने की कोशिशें नाकाम होने से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।’’
उन्होंने कहा, ‘जहां तक अफरीदी का सवाल है तो बतौर खिलाड़ी जो कुछ भी उनका सम्मान था, उन्होंने गंवा दिया । एक खिलाड़ी को इस तरह के बयान शोभा नहीं देते । हमारे दौर में पाकिस्तान के महान हॉकी खिलाड़ियों शाहबाज अहमद, ताहिर जमां, मंसूर अहमद सभी से हमारी दोस्ती थी जो आज तक कायम है । ताहिर ने तो दस दिन पहले ही फोन करके कोरोना महामारी को लेकर कुशलक्षेम पूछी।’
अपने दौर में भारतीय हॉकी की दीवार कहे जाने पूर्व कप्तान और महान डिफेंडर टिर्की ने कहा कि हॉकी हो या क्रिकेट, खेल देशों को जोड़ने का काम करते हैं, तोड़ने का नहीं । उन्होंने कहा, ‘कोई भी खेल देशों को जोड़ने का काम करता है । चाहे हॉकी हो या क्रिकेट । एक खिलाड़ी को खेलभावना का परिचय अपने आचरण में भी देना चाहिये और आने वाली पीढी के खिलाड़ियों के लिये मिसाल बनना चाहिये।’
भारत के लिये तीन ओलंपिक और 412 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके टिर्की ने कहा ,‘‘अफरीदी को भारत में बतौर खिलाड़ी काफी प्यार और सम्मान मिला जो शायद उन्हें महसूस नहीं हुआ या दिखाई नहीं दिया।’ बीजू जनता दल के राज्यसभा सदस्य रहे टिर्की ने कहा, ‘ऐसे में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है और सारे देश एक दूसरे की मदद कर रहे हैं , उनके इस तरह के बयान अप्रासंगिक और समझ से परे हैं । हो सकता है कि राजनीति में प्रवेश के लिये वे यह सब कह रहे हों लेकिन इससे उन्होंने सम्मान ही खोया है।’
भारत के पूर्व स्टार क्रिकेटरों युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने भी कोरोना महामारी के दौरान शाहिद अफरीदी फाउंडेशन के लिये दान की अपील पर खेद जताते हुए कहा कि भविष्य में इसका सवाल ही नहीं उठता। धनराज ने कहा, ‘एक खिलाड़ी हमेशा जज्बाती होकर सोचता है और कोई भावनात्मक अपील करता है तो उसे मना नहीं कर सकता । फिर वह किसी भी देश का हो लेकिन अब ऐसे लोगों के साथ दरियादिली दिखाने की कोई जरूरत नहीं है।’