लाइव टीवी

'...उसका समूल नाश कर देना चाहिए'; अनिल विज के इस ट्वीट की हो रही खूब आलोचना, ट्विटर ने भी लिया संज्ञान

anil vij
Updated Feb 15, 2021 | 20:32 IST

Anil Vij: हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद ऐसा ट्वीट कर दिया, जिस पर बवाल मचा हुआ है। ट्विटर ने भी इस पर संज्ञान लिया है।

Loading ...
anil vijanil vij
अनिल विज

नई दिल्ली: किसान आंदोलन के सिलसिले में सामने आए टूलकिट को लेकर घमासान बना हुआ है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ्तार किया है। विपक्ष की तरफ से इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं बीजेपी के नेताओं ने इस गिरफ्तारी को सही ठहराया है। इसी क्रम में हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने ऐसा ट्वीट किया है, जिसे लेकर उनकी खूब आलोचना हो रही है। विज ने कहा है कि देश विरोध का बीज जहां कहीं भी हो उसका समूल नाश कर देना चाहिए।

उन्होंने ट्वीट किया, 'देश विरोध का बीज जिसके भी दिमाग में हो उसका समूल नाश कर देना चाहिए फिर चाहे वह दिशा रवि हो या कोई और।'

ट्विटर ने किया नोटिस

उनके इस ट्वीट का ट्विटर ने भी संज्ञान लिया है। उनके ट्वीट को लेकर ट्विटर को रिपोर्ट की गई है। ट्विटर ने जांच की और पाया कि यह 'हटाने के अधीन नहीं है। इस ट्वीट को लेकर एक शिकायत के बाद ट्विटर से आई प्रतिक्रिया को मंत्री ने साझा किया। ट्विटर से आई प्रतिक्रिया में कहा गया है कि उन्हें उक्त ट्वीट को लेकर मंत्री के अकांउट की शिकायत मिली है। ट्विटर ने कहा, 'हमने इस सामग्री की जांच की और पाया कि यह ट्विटर नियम या जर्मन कानून के तहत हटाने योग्य नहीं है। इसलिए हमने कोई कार्रवाई नहीं की।'

थरूर ने किया बड़ा हमला

वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'निश्चित रूप से इस तरह के ट्वीट 'टूलकिट' की तुलना में हमारे लोकतंत्र के लिए कहीं अधिक हानिकारक हैं।' इसके अलावा इस ट्वीट को लेकर विज के खिलाफ बेंगलुरु में शिकायत दर्ज की गई है। विज के इस ट्वीट पर लोगों की भी खूब प्रतिक्रियाएं आई हैं। एक शख्स ने लिखा, 'इस मंत्री पर भड़काने की FIR नहीं हुई अभी तक?' 

टूलकिट पर मचा है बवाल

टूलकिट मामले पर दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि 21 साल की कार्यकर्ता दिशा 'टूलकिट गूगल डॉक' की संपादक हैं और दस्तावेज बनाने और उसका प्रसार करने वाली 'मुख्य साजिशकर्ता' हैं। पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए एक 'टूलकिट ' साझा की थी। इस 'टूलकिट ' में विभिन्न कदमों के बारे में जानकारी दी गई थी जिनमें ट्विटर पर विरोध करना, भारतीय दूतावासों के बाहर प्रदर्शन करना शामिल हैं।

Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।