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चीन से तनाव के बीच 3 दिन के लद्दाख दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हालातों का लिया जायजा

rajnath singh
Updated Jun 27, 2021 | 22:06 IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 3 दिन के लद्दाख दौरे पर हैं। रविवार से उनके दौरे की शुरुआत हुई। लेह में रक्षा मंत्री को मौजूदा सुरक्षा स्थिति और ऑपरेशनल संबंधी तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई।

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राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
मुख्य बातें
  • रक्षा मंत्री राजनाथ ने रविवार को लद्दाख दौरा शुरू किया
  • लद्दाख की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं राजनाथ सिंह
  • वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ सीमा विवाद जारी है

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लद्दाख के तीन दिवसीय दौरे पर रविवार को लेह पहुंचे। सिंह की यात्रा का मकसद चीन के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के बीच क्षेत्र में भारत की सैन्य तैयारियों का जायजा लेना है। उन्होंने यहां 300 पूर्व सैनिकों के साथ बातचीत की और पूर्व सैनिकों की भलाई के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। लेह में रक्षा मंत्री ने लेह, कारगिल और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के निर्वाचित वरिष्ठ प्रतिनिधियों से बातचीत की। रक्षा मंत्री के साथ सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे भी थे।

राजनाथ सिंह ने लद्दाख के लेह में अशोक चक्र विजेता नायब सूबेदार (मानद) छेरिंग म्यूटुप (सेवानिवृत्त) और महावीर चक्र विजेता कर्नल सोनम वांगचुक (सेवानिवृत्त) समेत 300 पूर्व सैनिकों के साथ बातचीत की। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राष्ट्र की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने में उनके अद्वितीय समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दशकों लंबे इंतजार को समाप्त करते हुए वन रैंक वन पेंशन योजना शुरू करने का फैसला पूर्व सैनिकों के कल्याण और संतुष्टि के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद आपका भी उसी तरह से ख्याल रखना है जिस तरह आप सभी ने देश की सुरक्षा का ध्यान रखा है। 

इस अवसर पर लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर आर के माथुर, लद्दाख से सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल, सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे और उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर-कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी उपस्थित थे। अपने प्रवास के दौरान वे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और क्षेत्र में तैनात सैनिकों के साथ बातचीत करेंगे। 

रक्षा मंत्री का इस संवेदनशील इलाके में दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब लंबे समय से चले आ रहे सैन्य गतिरोध को दूर करने के लिए दो दिन पहले ही भारत और चीन के बीच नए दौर की बातचीत हुई है। रक्षा मंत्री जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए अधिक ऊंचाई वाले अड्डों पर और अनेक अहम स्थानों पर जाएंगे और वैमनस्य के वातावरण में वास्तविक नियंत्रण रेखा की रक्षा कर रहे सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाएंगे।
 

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