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- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए मेगा कनेक्टिविटी, 8 ट्रेनों से मिली कनेक्टिविटी
- डिजिटल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री केवडिया से आठ रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाई
- रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ये इन ट्रेनों का डिजाइन बेहद शानदार है
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, केवड़िया को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने वाली 8 ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जिसके बाद यहां आवाजाही और सुगम हो जाएगी। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे के इतिहास में संभवत: पहली बार ऐसा हो रहा है जब एक साथ देश के अलग-अलग कोने से एक ही जगह के लिए इतनी ट्रेनों को हरी झंड़ी दिखाई गई हो।
पर्यटकों को मिलेगा लाभ
इस अवसर पर संबोधित करते हुए 'प्रधानमंत्री ने कहा, केवड़िया जगह भी ऐसी है जिसकी पहचान एक भारत-श्रेष्ठ भारत का मंत्र देने वाले, देश का एकीकरण करने वाले सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, सरदार सरोवर बांध से है। आज केवड़िया के लिए निकल रही ट्रेनों में एक ट्रेन पुरैच्ची तलैवर डॉ. एमजी रामचंद्रन सेंट्रल रेलवे स्टेशन से भी आ रही है। ये भी सुखद संयोग है कि आज भारत रत्न एमजी रामचंद्रन की जयंती भी है। इस रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने आने वाले पर्यटकों को तो मिलेगा ही, साथ ही ये केवडिया के आदिवासी भाई बहनों का जीवन भी बदलने जा रही है।'
वैश्विक पर्यटन के रूप में उभर रहा है केवड़िया
पीएम मोदी ने कहा, 'आज केवड़िया गुजरात के सुदूर इलाके में बसा एक छोटा सा ब्लॉक नहीं रह गया है, बल्कि केवड़िया विश्व के सबसे बड़े पर्यटक क्षेत्र के रूप में आज उभर रहा है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए अब स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ज्यादा पर्यटक पहुंचने लगे हैं। अपने लोकार्पण के बाद करीब-करीब 50 लाख लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने आ चुके हैं। छोटा सा खूबसूरत केवड़िया इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे प्लान तरीके से पर्यावरण की रक्षा करते हुए इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों का तेजी से विकास किया जा सकता है।'
इन 8 ट्रेनों का ब्यौरा इस प्रकार है :-
क्रं. सं. |
ट्रेन नम्बर |
कहां से |
कहां तक |
ट्रेन का नाम और आवृत्ति |
1 |
09103/04 |
केवडिया |
वाराणसी |
महामना एक्सप्रेस (साप्ताहिक) |
2 |
02927/28 |
दादर |
केवडिया |
दादर-केवडिया एक्सप्रेस (प्रतिदिन) |
3 |
09247/48 |
अहमदाबाद |
केवडिया |
जन शताब्दी एक्सप्रेस (प्रतिदिन)) |
4 |
09145/46 |
केवडिया |
हजरत निजामुद्दीन |
निजामुद्दीन-केवडियासंपर्क क्रांति एक्सप्रेस (सप्ताह में दो बार) |
5 |
09105/06 |
केवडिया |
रीवा |
केवडिया–रीवा एक्सप्रेस (साप्ताहिक) |
6 |
09119/20 |
चेन्नई |
केवडिया |
चेन्नई-केवडियाएक्सप्रेस (साप्ताहिक) |
7 |
09107/08 |
प्रताप नगर |
केवडिया |
एमईएमयू ट्रेन (प्रतिदिन)) |
8 |
09109/10 |
केवडिया |
प्रतापनगर |
एमईएमयू ट्रेन (प्रतिदिन)) |
प्रधानमंत्री ने कहा, 'बीते वर्षों में देश में रेलवे के पूरे तंत्र में व्यापक बदलाव करने के लिए काम किया गया। ये काम सिर्फ बजट बढ़ाना, घटाना, नई ट्रेनों की घोषणा करने तक सीमित नहीं रहा। ये परिवर्तन अनेक मोर्चों पर एक साथ हुआ है। अब जैसे केवडिया को रेल से कनेक्ट करने वाले इस प्रोजेक्ट का ही उदाहरण देखें तो इसके निर्माण में मौसम और कोरोना महामारी जैसी अनेक बाधाएं आई। लेकिन रिकॉर्ड समय में इसका काम पूरा किया गया। कुछ ही समय पहले मुझे पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के एक बड़े सेक्सन का लोकार्पण करने का मौका मिला। इस प्रोजेक्ट पर 2006 से लेकर 2014 तक यानी लगभग 8 वर्षों में सिर्फ कागजों पर ही काम हुआ, 2014 तक 1 किमी तक भी ट्रैक नहीं बिछाया था।'