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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद के नए भवन की छत पर लगे राष्ट्रीय चिन्ह का अनावरण किया। कांग्रेस पार्टी इस मौके पर विपक्षी दलों को नहीं बुलाने पर भड़क गई। पार्टी के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि नए संसद की बात जब हम सांसद थे तब भी होती थी। अच्छी बात है कि नया संसद बन रहा है। लेकिन मुझे उम्मीद थी की आज के कार्यक्रम में विपक्षी पार्टियों को भी बुलाना चाहिए था।
अगर सभी दल साथ होते हैं तो अच्छा होता है-संदीप दीक्षित
संदीप दीक्षित ने कहा, 'संसद भवन किसी सरकार, किसी प्रधानमंत्री, किसी पार्टी का नहीं होता। ये तो लोकतंत्र का मंदिर है और इस पर सबका अधिकार होता है। यहां सभी विपक्षी दल होते हैं। ऐसे मौके पर अगर सभी दल साथ होते हैं तो अच्छा होता है।'
राष्ट्रीय चिन्ह की जगह के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि इसे सुंदर और प्रभावी जगह पर रखा जाना चाहिए, क्योंकि यह भारतीय लोकतंत्र का प्रतीक है।
पीएम ने नए संसद भवन के निर्माणकार्यों का जायजा लिया
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नए संसद भवन के निर्माणकार्यों का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने नए संसद भवन की छत पर लगे 20 फीट ऊंचा अशोक स्तंभ का अनावरण भी किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी उनके साथ मौजूद रहे। हालांकि इस मौके पर विपक्षी दल से कोई भी नेता नहीं दिखा। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संवैधानिक दायित्व सभी के बंटे हुए हैं। राष्ट्रीय चिन्ह का अनावरण लोकसभा के स्पीकर के हाथों होना चाहिथा न कि प्रधानमंत्री के हाथों।