

- पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाइउन, कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए उठाया गया कदम
- सोनिया गांधी ने लॉकडाउन के फैसले को अनियोजित करार दिया।
- बेसहारा और जरूरतमंदों को सही ढंग से मदद न मिलने पर मोदी सरकार की खिंचाई की
नई दिल्ली। 19 मार्च के बाद पीएम नरेंद्र मोदी देश को जब दूसरी बार कोरोना के मुद्दे पर संबोधित कर रहे थे तो उन्होंने कहा कि कोरोना की गंभीरता को समझना होगा और एक बार फिर कहा था कि सोशल डिस्टेंसिंग ही एक मात्र रास्ता है। इसके लिए उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए लॉकडाउन की आवश्यकता है और इस कथन के साथ ही 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया।
अनियोजित है लॉकडाउन का फैसला
स्वाभाविक है कि विपक्ष की तरफ से प्रतिक्रिया आनी और वो आई थी। कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि यह तो पहले ही हो जाना चाहिए था। यानी यह फैसला देर से लिया गया। अब जबकि पूरे देश में लॉकडाउन लागू है तो कांग्रेस का कहना है कि जिस तरह से इस फैसले को अमल में लाया जा रहा है उससे पता चलता है कि इसमें कई तरह की खामियां जिसका असर जमीन पर दिखाई भी दे रहा है।
मजदूरों की पीड़ा समझने में मोदी सरकार नाकाम
लाखों मजदूरों के पलायन की इस पीड़ादायक स्थिति ने हर दिल को बहुत दर्द पहुंचाया है। हममें से हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि उनकी तकलीफों को बांटकर इस घड़ी में मदद करें।पिछले दिनों किसान की तैयार फसल पर बेमौसम बारिश की मार पड़ी। आज फसल कटाई के लिए तैयार है। सब कुछ इंतजार कर सकता है, मगर खेती नहीं। इसलिए किसान की फसल कटाई का इंतजाम और सही कीमत दिया जाना समय की मांग भी है और सरकार की जिम्मेदारी भी।
'सड़कों की तस्वीरे खुद बयां कर रही है हकीकत'
सोनिया गांधी ने कहा जिस तरह से लॉकडाउन के दौरान हजारों की भीड़ उमड़ी। लोग भूखे प्यासे हजारों किमी जाने को मजबूर हुए उससे पता चलता है कि केंद्र की सरकार के पास किसी तरह की योजना नहीं थी। केंद्र सरकार की तरफ से जो ऐलान किये गए थे वो सिर्फ कागजों की शोभा बढ़ा रहे थे। जमीन पर पर रोते बिलखते बच्चे केंद्र सरकार की लेंस में नजर नहीं आए। सोनिया गांधी ने कहा यह बात सच है कि कोरोना आज सबसे बड़ी विपदा के तौर पर सामने है। पूरी दुनिया प्रभावित हैं। लेकिन उन मुल्कों में रोजाना बड़े पैमाने पर टेस्ट हो रहे हैं। लेकिन भारत में टेस्ट की संख्या काफी नहीं है।