- बिहार विधानसभा चुनाव में तीनों चरणों का मतदान खत्म हो गया
- वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी
- चाणक्य एक्जिट पोल में महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर आ रहा है
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए तीन चरणों में मतदान हुआ। राज्य की 243 सदस्यीय विधानसभा के सदस्य बनने के लिए उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम बंद हो गई। इसके फाइनल नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए)और विपक्षी महागबंधन के बीच कांटे का मुकाबला माना जा रहा है। एनडीए गठबंधन में जदयू, बीजेपी, हम और वीआईपी पार्टी है जबकि महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम और माले शामिल है। चुनाव नतीजे से पहले हम आपको बता रहे हैं कि चाणक्य एग्जिट पोल ने बिहार चुनाव को लेकर क्या अनुमान किया है।
चाणक्य एग्जिट पोल बिहार चुनाव ( Chanakya Exit poll Bihar) 2020 :-
चाणक्य एक्गिट पोल के मुताबिक महागठबंधन को 180 सीटें मिलने का अनुमान और एनडीए को 55 सीटें। अन्य के खाते में 08 सीटें जाने का अनुमान है।
BJP – JDU+ 55 ± 11 Seats
RJD – Cong+ 180 ± 11 Seats
Others 8 ± 4 Seats
चाणक्य एक्गिट पोल के मुताबिक महागठबंधन को 44% वोट मिल रहे हैं जबकि एनडीए को 34% वोट मिलेंगे। जबकि अन्य के खाते में 22% वोट जाने का अनुमान है। महागठबंधन को एनडीए से 10 प्रतिशत वोटों अधिक मिलने का अनुमान जताया गया है। एग्जिट पोल के मुताबिक 63 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सरकार बदलनी चाहिए।
BJP - JDU+ 34% ± 3%
RJD – Cong+ 44% ± 3%
Others 22% ± 3%
एनडीए में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) 115 सीटें, बीजेपी 110 सीटें, मुकेश सहानी की विकासशील इन्सान पार्टी (वीआईपी) यानी सन ऑफ मल्लाह 11 सीटें, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम-सेक्यूलर) 7 सीटों पर चुनाव लड़े।
महागठबंधन में लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 144 सीटें और कांग्रेस 70 सीटें, अन्य सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) या सीपीआई (एमएल) 19 सीटें, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) 6 सीटें और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) या सीपीआई (एम) 4 सीटों पर चुनाव लड़े।
दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में अहम भूमिका निभाएगी। लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने चुनाव से ठीक पहले जेडीयू के साथ मतभेदों का हवाला देते हुए राज्य में एनडीए से बाहर निकल गए। लोजपा ने 243 सीटों में से 137 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे।