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- वर्तमान में चल रही 736 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं
- 327 ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट है
- इन रूटों पर क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी
नई दिल्ली : दिवाली और छठ पूजा को देखते हुए ट्रेंन की डिमांड बढ़ गई है। यात्रा की इच्छा रखने वाले लोगों ने काफी संख्या में टिकटें खरीदी हैं। जिससे वेटिंग लिस्ट लंबी हो गई है। वर्तमान में चल रही 736 स्पेशल ट्रेनों में से 327 वेटलिस्टिंग का सामना कर रही हैं। वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ वीके यादव ने कहा कि हम इन 327 ट्रेनों की रोजाना निगरानी कर रहे हैं। एक बार जब हम वेटलिस्ट की नेचर का निर्धारण कर लेंगे कि कितने दिनों के लिए वेटलिस्ट है और यह कितनी देर तक चलेगी, तब हम उन रूटों पर क्लोन ट्रेनें चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि यात्रियों के लिए चलाई जा रहीं 473 स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग की स्थिति को देखें तो पता चलता है कि 19 ट्रेनों में बुकिंग 30% है, 44 ट्रेनों में 30 से 50% के बीच है, 83 ट्रेनों में 50 से 75% है तथा 327 ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट चल रही है। कोविड-19 ग्लोबल महामारी में पैसेंजर ट्रेनों की स्थिति की जानकारी देते हुए यादव ने कहा कि इस समय 736 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। कोलकाता मेट्रो की 200 ट्रेन चल रही हैं। मुंबई में 2276 लोकल ट्रेनें चल रही हैं। 21 सितंबर से 20 ट्रेनों को क्लोन ट्रेनों के रूप में चलाया गया। इसके अलावा त्योहार स्पेशल ट्रेनों के रूप में 436 गाड़ियों को चलाया जाएगा।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) यादव ने वर्चुअल संवाद में कहा कि हम चाहते हैं कि हर कोई सुरक्षित रहे। प्रत्येक यात्री कोविड के प्रोटोकॉल का पालन करे। इस त्योहार के सीजन में रेलवे की तैयारी है कि हर यात्री कंफर्म टिकट पर आरक्षित सीट पर बैठकर अपने गंतव्य जाए। इसके लिए हम अधिक से अधिक गाड़ी चलाएंगे।
रेलवे, जिसने मार्च में देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से सभी यात्री ट्रेन सेवाओं को सस्पेंड कर दिया था, उसने अभी तक विभिन्न खंड से राजस्व के रूप में 3,322 करोड़ रुपए कमाए हैं। यादव ने कहा कि यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान अर्जित राजस्व की तुलना में 90% कम है। माल वहन के क्षेत्र में रेलवे के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि रेलवे ने इस साल अब तक गत वर्ष की तुलना में अधिक ढुलाई की है।